देवरी (मोहतरा) में मकर संक्रांति पर संगम तट पर एकदिवसीय मेले का आयोजन
संवाददाता : विकास शर्मा की रिपोर्ट/ खबर धमाका छत्तीसगढ़ न्यूज

रिगनी / खरौद चित्रोत्पला माँ गंगा, हसदेव एवं महानदी के पावन संगम तट पर स्थित ग्राम पंचायत देवरी (मोहतरा) में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर एकदिवसीय मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने संगम तट पर स्नान कर पूजा-अर्चना की इस दौरान मंच को संबोधित करते हुए जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि घासीराम कश्यप ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश, नकारात्मकता से सकारात्मकता और परिश्रम से सफलता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है इस अवसर पर उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए अपने जनपद निधि से 2 लाख रुपये की राशि से योजना कार्य कराए जाने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी मंच को संबोधित करते हुए कहाजनपद सभापति अखिलेश भीष्म ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कहा कि यह त्यौहार हम सभी के लिए नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। तिल-गुड़ खाकर मधुर संबंध बनाएं, पतंग उड़ाकर ऊँची सोच और ऊँची उड़ान भरें तथा दान-पुण्य के माध्यम से

समाज को और अधिक मजबूत करें उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों में हम सबको एकजुट होकर गांव की विकास योजनाओं पर चर्चा करनी चाहिए, ताकि हमारा ग्राम निरंतर प्रगति की ओर बढ़े और समृद्ध बन सके मेला आयोजन के दौरान ग्रामीणों द्वारा छतदार चबूतरे की मांग को देखते हुए अखिलेश ने छतदार चबूतरा निर्माण कराए जाने की घोषणा की, जिससे भविष्य में आयोजनों और बैठकों में सुविधा मिलेगी अंत में उन्होंने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा और मकर संक्रांति पर्व मनाया कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता-आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ज्योति-किशन कश्यप, भाजपा शिवरीनारायण मंडल अध्यक्ष श्री लोकेश शुक्ला, जनपद पंचायत नवागढ़ उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री घासीराम कश्यप तथा जनपद पंचायत नवागढ़ सभापति श्री अखिलेश भीष्म विशेष रूप से उपस्थित रहे मेले के आयोजन में ग्राम पंचायत देवरी (मोहतरा) के सरपंच श्री बिरिछमती-होरीलाल पटेल सहित पंचगण पुष्पा-तेरश, गोवर्धन-विश्वनाथ पटेल, सहरतीन-गेंदा मांझी, गीता-तुलसीलाल चौहान, संतोषी-नत्थू यादव, भारती-कोमल, अमृत पटेल, सुरीतराम यादव, सुभद्रा-भागवत, पुरुषोत्तम एवं सुखमति-मिट्टूलाल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे मेले में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मनोरंजन के विभिन्न आयोजन किए गए। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।




