देवरी के भाटापारा मोहल्ले में जलभराव से हाहाकार, नाली सफाई में लापरवाही से ग्रामीणों की जिंदगी हुई बेहाल

देवरी के भाटापारा मोहल्ले में जलभराव से हाहाकार, नाली सफाई में लापरवाही से ग्रामीणों की जिंदगी हुई बेहाल
देवरी-सारागांव, जनपद पंचायत बम्हनीडीह
ग्राम पंचायत देवरी के अंतर्गत भाटापारा मोहल्ला गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। रविवार, 15 जून को दोपहर 4 बजे आई झमाझम बारिश के बाद मोहल्ले की सारी सड़कों और गलियों में पानी भर गया। नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की माने तो यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि हर बार बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है।

नालियों से ओवरफ्लो होकर घरों में घुसा पानी
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। महीनों से कचरा जमा है, जिससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। बारिश के दौरान नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और देखते ही देखते यह घरों के अंदर तक पहुंच गया। इससे मोहल्ले में दुर्गंध फैल गई और घरों में रहना मुश्किल हो गया।
जन प्रतिनिधियों से की गई कई बार शिकायत, कोई कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और सरपंच से नाली सफाई की मांग की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। कोई भी ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाया गया। इस लापरवाही का खामियाजा अब पूरे मोहल्ले को भुगतना पड़ रहा है।
बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ा, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जनपद अधिकारियों से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। नालियों की सफाई के लिए नियमित व्यवस्था लागू की जाए और जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हो।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर उदासीनता को उजागर करती है। जब तक प्रशासन सजग नहीं होगा और योजनाओं को जमीनी स्तर पर नहीं उतारा जाएगा, तब तक ग्रामीण जनता इसी प्रकार समस्याओं से जूझती रहेगी।
ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करना अब भारी पड़ रहा है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या विकराल रूप ले सकती है। प्रशासन को चाहिए कि तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित करे और जनता को राहत पहुंचाए।




